Farmers Protest Big News :- 32 दिन हो गए किसानों को जानिए किसान और सरकार के बीच क्या चल रहा है

Farmers Protest Big News:32 दिन हो गए किसानों को जानिए किसान और सरकार के बीच क्या चल रहा है |

 

Farmers Protest Big News :-

Farmers Protest मैं किसानों को कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को लेकर 32 दिन पूरे हो चुके हैं | दिल्ली में इतने कड़ाके की सर्दी पड़ने पर भी और महामारी के बीच में 26 नवंबर से किसानों का यह आंदोलन चल रहा है यहां पर किसान देश के कई राज्यों से आए हुए हैं सबसे अधिक किसान पंजाब हरियाणा से आए हैं और दिल्ली के अलग-अलग जो बॉर्डर है उन पर जाम लगाकर बैठे हैं |

Farmers Protest Big News
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किसान अपना आंदोलन 32 दिनों से कर रहे हैं और सरकार के द्वारा जो कृषि कानून बनाए गए हैं उन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रही हैं | दिल्ली में कई जगहों पर यह किसान अपना प्रदर्शन कर रहे हैं | पता चला है कि सरकार और किसानों के बीच अब तक सही तरीके से सहमति नहीं बन पाई है |

यहां दिल्ली में किसान सभी बॉर्डर पर जैसे कि सिंधु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, पलवल बॉर्डर, और गाजीपुर सहित कई बॉर्डर जगहों पर बड़ी तादात में किसान बैठे हुए हैं |

इतना अधिक ठंड का पारा पड़ने पर भी किसान रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं | इस किसान आंदोलन के दौरान कुछ किसान अपना दम तोड़ चुके हैं |

इस आंदोलन के दौरान दिल्ली में कई जगहों पर रुकावटें आ रही है और दिल्ली की कई सीमाएं सील भी कर दी गई है |

ऐसी महामारी के बीच किसान और सरकार के बीच यह जंग छिड़ी हुई है |

किसान और सरकार के बीच बातचीत:-

लगातार किसान और सरकार के बीच बातचीत होती आई है लेकिन किसी भी प्रकार से कोई समझौता नहीं हो पा रहा है | किसान किसी भी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं है और वहीं दूसरी तरफ सरकार भी पीछे हटने को तैयार नहीं है | लेकिन लगातार किसान और सरकार के बीच बातचीत जारी है |

इसी बीच सबसे बड़ी खबर यह है कि एक बार फिर किसान संगठनों और सरकार के बीच 29 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे फिर से बातचीत होगी |

जिसमें बताया जा रहा है कि इस बार तो जरूर समझौता हो जाएगा | यह केवल एक संभावना बताई जा रही है कि समझौता हो सकता है |

लेकिन अब तक ना जाने कितनी बार सरकार और किसानों के बीच बातचीत हो चुकी है फिर भी किसी भी प्रकार से कोई भी समझौता नहीं हुआ है |

स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा है कि हम संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सभी संगठनों से बातचीत करके प्रस्ताव रख रहे हैं कि किसानों के प्रतिनिधियों और भारत सरकार के बीच अगली बैठक 29 दिसंबर 2020 को सुबह 11:00 बजे आयोजित की जाए |

लेकिन वहीं दूसरी तरफ गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक बार फिर किसानों से अपील की है कि उन्होंने आंदोलनकारी किसानों से उनकी चिंताओं को समझाने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने का अनुरोध भी किया है |

बताया जा रहा है कि फिलहाल इस मसले पर किसी भी प्रकार से कोई भी समझौता नहीं दिखाई दे रहा है| सरकार और किसानों के बीच कई बार बातचीत हुई लेकिन बहुत कोशिश करने के बाद भी कोई भी समझौता नहीं हुआ |

किसान लगातार सरकार से यही अपील कर रहे हैं कि जो कृषि कानून बने हैं उन्हें वापस लिया  जाए और बताया जा रहा है कि तीन कृषि कानून है जिन्हें किसान वापस करने की मांग कर रहे हैं |

लेकिन वहीं दूसरी तरफ सरकार उन कृषि कानूनों को उठाने की बजाय उनमें संशोधन करने की कोशिश कर रही है लेकिन इस बात से किसान सहमत नहीं है |

किसान अपनी जिद पर अड़े हुए हैं और उन्होंने तो यह भी बोल दिया है कि अगर यह कृषि कानून वापस नहीं लिए गए, तो यह आंदोलन और भी तेजी से बढ़ने लगेगा और इस प्रकार से किसान अपनी बात पर डटे हुए हैं |

सरकार के द्वारा किसानों से बातचीत करने की अपील की गई है और किसान सरकार से किसी भी प्रकार का कोई भी वार्तालाप नहीं करना चाहते |

सरकार के द्वारा यह साफ-साफ बोल दिया गया है कि हम उन कृषि कानूनों में संशोधन करेंगे लेकिन फिर भी किसान अपनी बात पर अड़े हुए हैं उन्होंने सीधा बोल दिया है कि हमें संशोधन नहीं हमें तो उन कानूनों को हटाना है |किसानों के द्वारा यह भी कहा गया है कि एक ऋषि कानून किसानों के लिए सही नहीं है |

किसानों के इस प्रकार से आंदोलन किए जाने पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार फिर से यह कहा है कि किसी भी आंदोलन का समाधान वार्तालाप के द्वारा ही सुलझाया जा सकता है | और इस प्रकार से किसान लगातार अपना आंदोलन कर रहे हैं |

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