Farmers Protest Top-10 Big Update :- जानिए किसान और सरकार के बीच क्या क्या हुआ

Farmers Protest Top-10 Big Update :- जानिए किसान और सरकार के बीच क्या क्या हुआ

 

Farmers Protest Top-10 Big Update:-

किसान लगातार अपना आंदोलन चला रहे हैं वह आंदोलन सरकार के द्वारा बनाए गए कोई तीन कानूनों को वापस लेने के लिए यहां आंदोलन चलाया जा रहा है और किसान लगातार 35 दिनों से यह आंदोलन कर रहे हैं उन तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए और लगातार सरकार और किसानों के बीच बैठक वार्तालाप चल रही है देखते हैं इस बार क्या हुआ |

Farmers Protest Top-10 Big Update :- जानिए किसान और सरकार के बीच क्या क्या हुआ
Farmers Protest Top-10 Big Update :- जानिए किसान और सरकार के बीच क्या क्या हुआ

6 साल लगातार 35 दिनों से अपना यह आंदोलन चला रहे हैं और इस आंदोलन से अब सरकार भी परेशान होती हुई नजर आ रही है कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है इसीलिए कई बार किसान और सरकार के बीच वार्तालाप हुआ है

लेकिन कोई भी समाधान नहीं निकल कर आए हैं केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग लेकर पिछले 35 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र सरकार के बीच बुधवार को फिर से वार्तालाप हुआ |

यह वार्तालाप होने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जानकारी दी कि दोनों पक्षों के बीच दो मुद्दों पर सहमति बन गई है |

और किसान नेता  बलवंत सिंह संधू ने बताया कि सरकार और किसान यूनियन के बीच अगली बार फिर से बैठक होगी और वहां 4 जनवरी को की जाएगी और उन्होंने यह भी कहा कि अगली बैठक में उन तीन कृषि कानूनों और एमएसपी गारंटी कानूनों पर बात की जाएगी |

सरकार के द्वारा किसानों से यह कहा गया है कि इस बैठक के दौरान की कृषि कानूनों से जुड़ी मांगों और मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक अलग से समिति बनाई गई है कार के द्वारा विस्तार रूप से यह जानकारी दी गई है कि अगर कोई भी कानून बनाया जाता है और फिर उसे हटाया जाता है तो यह एक लंबी प्रक्रिया है |

1- सरकार ने कृषि कानूनों को लेकर बहुत बड़ी बात बोली और बैठक के दौरान बातें कही गई है सरकार के द्वारा कहा गया है कि इन कृषि कानूनों से कृषि क्षेत्र में सुधार होगा और किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी लेकिन किसानों को यह आशंका लग रही है कि यह जो कृषि कानून बने वह किसानों के लिए सही नहीं है और हमारे कारोबार में रुकावट डाल सकते हैं |

2- किसान और सरकार के बीच लगातार वार्तालाप हुआ है लेकिन इस बार भी सरकार और किसानों के बीच वार्तालाप हुआ है यह वार्तालाप 9  दिसंबर को होने वाली थी लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और यूनियन के कुछ नेताओं के बीच बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकल कर आया इसलिए बैठक रद्द कर दी गई

और अमित शाह से मुलाकात के बाद किसानों के लिए एक प्रस्ताव भेजा गया और उस प्रस्ताव के दौरान जो कानून बनाए गए हैं उनमें सुधार करने वाली बात भूल ही गई और उन कृषि कानूनों में संशोधन करने के लिए बोला गया और कृषि कानूनों को निरस्त करने से इंकार कर दिया |

3- किसान और सरकार के बीच लगातार वार्तालाप उठाया है और इससे पहले भी किसान और सरकार के बीच 30 दिसंबर को वार्तालाप हुआ था जिसमें भी किसी भी प्रकार का कोई भी समाधान नहीं निकल पाया था |

4- लगातार किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली में डटे हुए हैं और सरकार से एक ही मांग कर रही हैं उनकी कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और हर बार वार्तालाप के दौरान यही कहते हैं कि जो भी वार्तालाप हो वह हमारे हित में होना चाहिए  |

5-केंद्र सरकार और किसानों के बीच यहां वार्तालाप छठी बार है और इस बार भी किसान और सरकार के बीच वार्तालाप हुआ

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेलवे गाड़ी और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल तथा वाणिज्य राज्य मंत्री ओम प्रकाश यहां विज्ञान भवन में 41 किसान संगठनों के प्रतिनिधित्व के साथ चर्चा कर रहे हैं इस प्रकार से वार्तालाप लगातार किसान और सरकार के बीच होती आई है इससे पहले 5 दिसंबर को वार्तालाप हुआ था |

6- किसान लगातार एक महीने से ज्यादा समय से यहां आंदोलन कर रहे हैं और दिल्ली के कई इलाकों में और दिल्ली के बॉर्डर पर इसके साथ डटे हुए हैं अपनी मांगों को लेकर

7- किसान किसी भी तरह से सरकार से पीछे हटने को तैयार नहीं है किसानों का यही कहना है कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तब तक हम यहां आंदोलन जारी रखेंगे और सरकार को कृषि कानून वापस लेने ही पड़ेंगे |

8- यह बैठक होने से पहले ही किसानों ने बोल दिया था कि इस बैठक के दौरान जो वार्तालाप होगा वह वार्तालाप केवल हमारे कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी गारंटी पर बातचीत होगी |

9- अब यह वार्तालाप किसान और सरकार के बीच हो गया है और किसानों के नेता बलवंत सिंह संधू ने बताया कि सरकार और किसान यूनियन के बीच अगली बार फिर बैठक होगी और उस बैठक के दौरान फिर से वार्तालाप होगा और यह बैठक 4 जनवरी को होगी उस बैठक के दौरान केवल कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी गारंटी पर वार्तालाप किया जाएगा |

10- किसान लगातार 35 दिनों से यहां आंदोलन कर रहे हैं और सरकार के द्वारा जो तीन कृषि कानून बनाए गए हैं उन्हें रद्द करने की मांग कर रहे हैं किसानों को वह तीन कानून चाहिए नहीं और हर बार जितनी बार सरकार और किसानों के बीच वार्तालाप होता है

उस वार्तालाप के दौरान केवल समाधान इन तीनों के कारण ही नहीं निकल पा रहा है क्योंकि किसानों को सिर्फ तीन कृषि कानून और एमएससी गारंटी पर वार्तालाप करना पसंद है |

किसानों ने सीधा सीधा यह बोल दिया है कि अगर यह कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते तो हमारा यह आंदोलन लगातार चलता रहेगा और अगर यह जल्दी से जल्दी करके कानून नहीं खत्म किए तो हम लगातार यहां आंदोलन चलाते रहेंगे

कहीं ना कहीं सरकारों किसानों के बीच जो वार्तालाप होता है उस वार्तालाप के दौरान कहीं ना कहीं कुछ कमी रह जाती है इसीलिए सरकार और किसानों के बीच किसी भी प्रकार का कोई भी समाधान नहीं हो पा रहा है

और सरकार जो कृषि कानून बनाए गए हैं उनमें संशोधन करने के लिए तैयार हैं लेकिन किसान कृषि कानूनों को पसंद नहीं करते उन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं |

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